- रहमानी फाउंडेशन में बड़े पैमाने पर जालसाजी, फ़ैसल और फ़हद रहमानी के साथ हाजी आरिफ़ रहमानी, सालिहीन नदवी और हाफ़िज़ एहतेशाम रहमानी की सभी संपत्तियों एवं खातों की जाँच की जाए
- फ़ैसल और फ़हद रहमानी द्वारा निजी और वक़्फ़ की भूमियों पर कब्ज़ा गंभीर अपराध, भाजपा नेता की महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस
तारापुर(मुँगेर) , 19 सितंबर:
भाजपा नेता फ़ैसल अहमद ने कल पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके महत्वपूर्ण खुलासे किए थे, जिसमें विदेशी फ़ैसल रहमानी द्वारा सरकारी भूमि पर स्थापित इमारत शरीआ ट्रस्ट पर कब्ज़ा, उसके दुरुपयोग, फंडिंग में अनियमितता और फ़हद रहमानी द्वारा इमारत शरीआ तथा रहमानी 30 में बड़े पैमाने पर घोटाले का पर्दाफाश किया गया था। आज इसी क्रम में फ़ैसल अहमद ने वादे के अनुसार मुँगेर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और फिर वादा किया कि जब तक इमारत शरीआ से एक विदेशी का कब्ज़ा समाप्त नहीं होता, इमारत शरीआ और रहमानी 30 के एक-एक पैसे तथा अनियमितता का हिसाब नहीं होता, हमारी मुहिम जारी रहेगी। हम इस सिलसिले में पटना में एक बड़ी रैली भी आयोजित करेंगे। इसी क्रम में आज उन्होंने मुँगेर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महत्वपूर्ण खुलासे किए और सरकार से जवाब माँगा कि सरकार क्यों तमाशाई बनी हुई है। फ़ैसल अहमद ने दस्तावेज़ दिखाते हुए निम्नलिखित मामलों की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया है:
(1) कल भी हमने यह मुद्दा उठाया था कि विदेशी होने के बावजूद फ़ैसल रहमानी ने मुँगेर की मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराया और 2024 तक वोट देते रहे। मतदाता सूची में तस्वीर और पते से भी इसकी पुष्टि की जा सकती है। चूँकि यह मुँगेर का भी मामला है, इसलिए हम माँग करते हैं कि इसमें शामिल बीएलओ और अन्य अधिकारियों की भी ज़िम्मेदारी तय की जाए और इस जालसाजी पर गंभीर धाराओं के तहत फ़ैसल रहमानी पर मुक़दमा दर्ज किया जाए।
(2) हाजी मुहम्मद आरिफ़ रहमानी, जो जामिया रहमानी मुँगेर के महासचिव हैं और इमारत शरीआ तथा रहमानी फाउंडेशन के ट्रस्टी बताते हैं, उन्होंने फ़र्ज़ी ओबीसी प्रमाण-पत्र बनवाकर अपनी पत्नी को सरकारी नौकरी दिलवाई, जबकि ये लोग सामान्य श्रेणी से हैं। इसके अलावा हाजी आरिफ़ रहमानी की पत्नी, बेटी और बेटे—तीनों की उम्र में बड़ा अंतर है। इसकी जाँच की जाए तो आरिफ़ रहमानी, बेटे मुदस्सिर उस्मानी और पत्नी के बड़े फ़र्ज़ीवाड़े का खुलासा होगा।
(3) हम माँग करते हैं कि हाजी मुहम्मद आरिफ़ रहमानी की सभी संपत्तियों की जाँच की जाए कि सुपौल, अररिया और विभिन्न स्थानों पर कितनी संपत्ति बनाई है और यह पैसा कहाँ से लाए।
(4) कल हमने फ़ैसल रहमानी के निजी सचिव हाफ़िज़ एहतेशाम रहमानी पर भी खुलासा किया था। आज फिर बता रहा हूँ कि इसी मुँगेर में एहतेशाम रहमानी ने 35 लाख की भूमि खरीदी है। उनकी आय का स्रोत क्या है? जब एक निजी सचिव इतनी रकम लूट सकता है तो विदेशी फ़ैसल और फ़हद रहमानी ने कितनी रकम लूट रखी है?
(5) फ़ैसल और फ़हद रहमानी ने रहमानी फाउंडेशन मुँगेर के निकट बेलन बाज़ार में जनाब शमीम की भूमि पर कब्ज़ा किया है, जिसमें एसडीओ कोर्ट में रहमानी फाउंडेशन के कर्मचारियों पर मुक़दमा चल रहा है। उसकी कार्रवाई कहाँ तक बढ़ी है, जिसकी जानकारी दस्तावेज़ और प्रमाण के साथ भूमि मालिकों ने सामने आकर दी थी और न्याय की माँग की थी। वे सारी चीज़ें हम लोगों के पास भी हैं। अर्थात् फ़ैसल और फ़हद भूमि माफ़िया भी हैं।
(6) यह बताना आवश्यक है कि मुँगेर में स्थापित रहमानी फाउंडेशन भी घोटाले का बड़ा अड्डा है। फ़ैसल रहमानी ने अपनी विदेशी नागरिकता की बात उजागर होने पर इसके पदों से इस्तीफ़ा दे दिया है, लेकिन आदेश वही चलाते हैं। मिस्टर फ़हद रहमानी अभी भी इसके ज़िम्मेदार हैं। इस संस्था में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार है। यह भूमि ख़ास महल की है, जो वक़्फ़ बोर्ड में पंजीकृत नहीं हो सकती, इसके बावजूद इन लोगों ने जालसाजी करके इसे वक़्फ़ बोर्ड में पंजीकृत कराया। इसके अलावा रहमानी फाउंडेशन में हेल्थकेयर की मंज़ूरी के लिए जामिया रहमानी, जो वहाँ से चार-पाँच किलोमीटर दूर है और जिसका उपयोग धार्मिक शिक्षा के लिए होता है, उस जामिया रहमानी की इमारत दिखाकर हेल्थ सेंटर स्वीकृत कराया। यह अपने आप में बड़ी जालसाजी है। हम माँग करते हैं कि हेल्थ सेंटर की मंज़ूरी समाप्त कराई जाए।
(7) रहमानी फाउंडेशन में स्थापित स्कूल और बीएड कॉलेज में नियमों का लगातार उल्लंघन हो रहा है। अभी वहाँ बच्चों ने भोजन की बदतर व्यवस्था को लेकर हड़ताल कर दी थी। हम माँग करते हैं कि रहमानी फाउंडेशन के सभी संस्थानों की लेन-देन सहित पूरी जाँच की जाए। इसकी आय-व्यय और रहमानी फाउंडेशन के बैंक खातों का हिसाब किया जाए कि कहाँ-कहाँ से पैसे आए और कहाँ-कहाँ स्थानांतरित किए गए। इसके ज़िम्मेदार फ़ैसल रहमानी, फ़हद रहमानी, फ़हद रहमानी की पत्नी रिफ़अतुर्रहमान उज़्मा, हाजी मुहम्मद आरिफ़ रहमानी, मुहम्मद सालिहीन नदवी की सभी संपत्तियों तथा उनके खातों की सख़्ती से जाँच की जाए और यह भी देखा जाए कि किन लोगों के हस्ताक्षरों से रहमानी फाउंडेशन में यह वित्तीय भ्रष्टाचार हुआ है।
(8) रहमानी फाउंडेशन और जेएमएस के स्टाफ के लिए जो वेतन आता है, उसमें भी ये लोग धाँधली करते हैं कि रजिस्टर पर अधिक राशि पर हस्ताक्षर कराते हैं और पैसे कम देते हैं। मुँगेर में दंगे का माहौल बनाते हैं, ऐसी ही इन लोगों की कोशिश रहती है।
(9) इसी तरह ख़ानक़ाह रहमानी मुँगेर की भूमि वक़्फ़-अलल-औलाद है। आज तक इसे वक़्फ़ बोर्ड में पंजीकृत क्यों नहीं कराया गया? और इस पर निजी संपत्ति के रूप में क्यों कब्ज़ा किए हुए हैं? और क्या एक विदेशी वक़्फ़ की भूमि पर कब्ज़ा करके रह सकता है? सरकार इस पर भी कार्रवाई करे।
(10) जेएमएस कॉलेज, जिसकी बिक्री हो चुकी है, मगर इन लोगों ने पूरी भूमि पर कब्ज़ा किया हुआ है, इसकी जाँच की जाए।
(11) ख़ानक़ाह रहमानी के निकट एक विधवा की भूमि पर कई वर्ष पूर्व जबरन कब्ज़ा किया हुआ है, अर्थात् ये लोग पेशेवर भूमि माफ़िया हैं।
(12) अंजुमन हिमायत-ए-इस्लाम यतीमख़ाना वक़्फ़ बोर्ड में पंजीकृत है, फिर भी पूरी संपत्ति, जिसमें ईदगाह, बाग़ीचा, खेती की भूमि, मकान और अन्य क़ीमती संपत्ति शामिल है, पर फ़हद रहमानी ने कब्ज़ा किया हुआ है। इसमें चेयरमैन सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड की लापरवाही भी शामिल है।
(13) यह भी जाँच का विषय है कि जामिया रहमानी मुँगेर के ट्रस्ट में भी क्या विदेशी फ़ैसल रहमानी की भागीदारी है? यदि है तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। वह इस ट्रस्ट में कैसे आए, इसकी जाँच होनी चाहिए।
हम माँग करते हैं कि सरकार कल की माँग के साथ-साथ आज उठाए गए इन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी कार्रवाई करे और एक विदेशी, अमेरिकी से भारतीय संस्थाओं का संरक्षण सुनिश्चित करे।

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