- उन्नत पौधों से समृद्ध होगी केले की खेती, टिश्यू कल्चर तकनीक से बढ़ेगा उत्पादन और किसानों की आय
- टिश्यू कल्चर केले की खेती को बढ़ावा, 34 जिलों के किसानों को मिलेगा प्रति हेक्टेयर 70 हजार रुपये का अनुदान - विजय कुमार सिन्हा
03 सितंबर, 2026
पटना। बिहार में केले की खेती को आधुनिक, वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक स्वरूप देने के उद्देश्य से कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय द्वारा एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत टिश्यू कल्चर केला क्षेत्र विस्तार योजना संचालित की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को उन्नत, रोगमुक्त एवं अधिक उत्पादन देने वाले टिश्यू कल्चर पौधे उपलब्ध कराकर उत्पादन, उत्पादकता तथा गुणवत्ता में वृद्धि करना और उनकी आय बढ़ाना है। यह योजना राज्य के 34 जिलों में लागू की गई है।
माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने किसानों से योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि टिश्यू कल्चर तकनीक से तैयार केले के पौधे अपेक्षाकृत रोगमुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण होते हैं, जिससे बेहतर उत्पादन प्राप्त होता है और केले की खेती अधिक लाभकारी बनती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है और इसी दिशा में यह योजना शुरू की गई है। किसान इसका लाभ उठाकर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं।
माननीय कृषि मंत्री ने बताया कि योजना के तहत किसानों को टिश्यू कल्चर केले की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 70,000 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। यह राशि दो किस्तों में उपलब्ध कराई जाएगी। प्रथम वर्ष में 42,000 रुपये तथा दूसरे वर्ष में पौधों की उत्तरजीविता के आधार पर 28,000 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। योजना के अंतर्गत न्यूनतम 0.25 एकड़ (0.1 हेक्टेयर) तथा अधिकतम 5 एकड़ (2 हेक्टेयर) भूमि के लिए आवेदन किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ रैयत एवं गैर-रैयत दोनों प्रकार के किसान उठा सकेंगे। रैयत किसान भूमि स्वामित्व प्रमाण-पत्र (एलपीसी) अथवा लगान रसीद के आधार पर आवेदन कर सकते हैं, जबकि गैर-रैयत किसान एकरारनामा के आधार पर योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। किसानों को आवेदन से पूर्व डीबीटी पोर्टल पर अपने बैंक खाते के विवरण की जांच सुनिश्चित करने की भी सलाह दी गई है।
*उन्नत किस्मों के टिश्यू कल्चर पौधे होंगे उपलब्ध*
कृषि मंत्री ने बताया कि योजना के अंतर्गत किसानों को बाजार की मांग के अनुरूप जी-9, मालभोग एवं चिनिया जैसी उन्नत किस्मों के टिश्यू कल्चर पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। ये पौधे राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त नर्सरियों एवं संस्थानों के माध्यम से उपलब्ध होंगे।
उन्होंने कहा कि योजना में सामाजिक समावेशिता का भी विशेष ध्यान रखा गया है। इसके अंतर्गत 82.67 प्रतिशत सामान्य वर्ग, 15.89 प्रतिशत अनुसूचित जाति तथा 1.44 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के किसानों का चयन किया जाएगा। साथ ही सभी वर्गों में 30 प्रतिशत महिला किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
कृषि मंत्री ने बताया कि इच्छुक किसान उद्यान निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट horticulture.bihar.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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