- किसानों की शिकायतों पर कृषि मंत्री स्वयं हुए सक्रिय
- किसान हेल्पलाइन सेंटर से शिकायतकर्ताओं को किया फोन, अनियमितता पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
- बिना बिल उर्वरक बिक्री, टैगिंग और अधिक वसूली पर होगी कड़ी कार्रवाई - : विजय कुमार सिन्हा
पटना : बिहार सरकार के कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने आज कृषि विभाग के किसान हेल्पलाइन सेंटर का निरीक्षण कर किसानों से प्राप्त शिकायतों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का स्वयं अवलोकन किया तथा किसान हेल्पलाइन सेंटर से राज्य के विभिन्न जिलों के शिकायतकर्ता किसानों को स्वयं फोन कर उनकी समस्याओं एवं शिकायतों की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली।
कृषि मंत्री ने किसानों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर संबंधित जिला कृषि पदाधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करते हुए 24 घण्टें की भीतर कार्रवाई करते हुए प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का सख्त निदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
समीक्षा के दौरान कृषि मंत्री ने सुपौल, सीतामढ़ी एवं पूर्वी चंपारण के जिला कृषि पदाधिकारियों से भी सीधे बात की और प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
कृषि मंत्री ने स्पष्ट निदेश दिया कि उर्वरक बिक्री के समय किसानों को ऑनलाइन POSH मशीन से निर्गत बिल उपलब्ध कराया जाए। यदि कोई विक्रेता बिल देने से इंकार करता है अथवा अन्य प्रकार की अनियमितता करता है, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के सभी उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों पर उर्वरकों की मूल्य सूची (रेट लिस्ट), उपलब्ध स्टॉक तथा प्रतिष्ठान का नाम प्रमुखता से प्रदर्शित कराया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उर्वरकों के साथ किसी अन्य उत्पाद की जबरन टैगिंग (क्रॉस सेलिंग) या अनिवार्य खरीद की प्रथा किसी भी स्थिति में न हो। यदि ऐसी शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित विक्रेता के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाए।
कृषि मंत्री ने सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को निदेश दिया कि वे अपने-अपने जिले में यह सुनिश्चित करें कि सभी उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों पर मूल्य सूची, उपलब्ध स्टॉक एवं प्रतिष्ठान का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो। इसकी नियमित निगरानी की जाए तथा अनुपालन संबंधी विस्तृत प्रतिवेदन कृषि विभाग को उपलब्ध कराया जाए।
कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे बिना बिल के किसी भी परिस्थिति में उर्वरक की खरीदारी न करें। यदि कोई दुकानदार बिल देने से इंकार करता है, निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलता है, उर्वरकों के साथ अन्य उत्पाद खरीदने के लिए दबाव बनाता है अथवा किसी प्रकार की अनियमितता करता है, तो उसकी शिकायत तत्काल किसान हेल्पलाइन सेंटर पर दर्ज कराएं। विभाग प्रत्येक शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करेगा तथा शिकायतकर्ता किसानों की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उर्वरकों की उपलब्धता, पारदर्शी वितरण व्यवस्था तथा किसानों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और किसी भी प्रकार की अनियमितता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



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