- माननीय मंत्री द्वारा "नारी समृद्धि योजना" एवं "नारी शक्ति स्वरोजगार योजना" का किया गया शुभारम्भ।
- महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (SHG) एवं संयुक्त देयता समूहों (JLG) को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष बल ।
- सहकारी बैंकों को व्यवसाय विविधीकरण की दिशा में कार्य करने का निर्देश।
- पैक्सों के माध्यम से केसीसी ऋण वितरण पर जोर।
पटना। आज दिनांक 15 मई 2026 को, माननीय मंत्री सहकारिता विभाग, श्री राम कृपाल यादव की अध्यक्षता में बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड एवं राज्य के सभी जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों पर प्रस्तुतीकरण / समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहकारी बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन, बैंकिंग गतिविधियों, ऋण वितरण, ऋण वसूली तथा बैंक की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में सचिव, सहकारिता विभाग श्री धर्मेन्द्र सिंह अपर सचिव, श्री अभय कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य सहकारी बैंक लि० श्री मनोज कुमार सिंह, निदेशक बिहार राज्य सहकारी बैंक सहित विभाग एवं बैंक के अन्य पदाधिकारीगण भी उपस्थित रहें। समीक्षा बैठक में अध्यक्ष बिहार राज्य सहकारी बैंक श्री रमेश चन्द्र चौबे की उपस्थिति भी रही।
आज के कार्यक्रम के दौरान माननीय मंत्री के करकमलों द्वारा बैंक की "नारी समृद्धि योजना" एवं "नारी शक्ति स्वरोजगार योजना" का शुभारम्भ भी किया गया। "नारी समृद्धि योजना" के तहत महिलाओं की वित्तीय आत्मनिर्भरता के लिए बैंक द्वारा प्रारंभ की गई एक विशेष पहल जिसके अंतर्गत महिलाएँ अपनी मेहनत की कमाई को बैंक में सुरक्षित रख सकेंगीं एवं बेहतर रिटर्न पा सकेंगीं। "नारी शक्ति स्वरोजगार योजना" के तहत महिला उद्यमियों हेतु ब्याज पर विशेष छूट का प्रावधान बैंक द्वारा किया गया है।
समीक्षा के दौरान माननीय मंत्री ने सहकारी बैंकों में बढ़ते एनपीए (NPA) पर चिंता व्यक्त करते हुए इसके नियंत्रण हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऋण वसूली में लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही बैंक ऋण लेकर फरार होने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने तथा ऋण वसूली अभियान को तेज करने का निर्देश भी दिया गया।
माननीय मंत्री ने महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (SHG) एवं संयुक्त देयता समूहों (JLG) को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया। उन्होंने राज्य में सहकारी बैंकों की नई शाखाएं खोलने, पैक्सों के माध्यम से अधिकाधिक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण उपलब्ध कराने तथा सहकारी बैंकों की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक लोगों द्वारा सहकारी बैंकों द्वारा प्रदत सेवाओं का लाभ प्राप्त किया जा सकें।
बैठक में "गोल्ड लोन" एवं "बैंक की बीमा योजनाओं " के विस्तार हेतु विशेष अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया। साथ ही ग्राहकों को साइबर फ्रॉड से बचाव के प्रति जागरूक करने एवं आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया।
माननीय मंत्री ने सहकारी बैंकों को व्यवसाय विविधीकरण की दिशा में कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि राज्य के समग्र विकास में सहकारी बैंकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य का आर्थिक विकास मजबूत बैंकिंग व्यवस्था पर निर्भर करता है तथा सरकार सहकारी बैंकों को हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
"सहकारिता में सहकार" कार्यक्रमों के प्रभावी एवं समयबद्ध संचालन हेतु कार्ययोजना बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया गया, ताकि सहकारिता का संदेश राज्य के गांव-गांव तक पहुंचाया जा सके। माननीय मंत्री ने कहा कि पैक्सों के माध्यम से केसीसी ऋण वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
बैठक में बदलते बैंकिंग परिवेश के अनुरूप बैंकिंग गतिविधियों की सतत निगरानी, नियमित निरीक्षण, साइबर फ्रॉड की रोकथाम तथा स्थापना व्यय को नियंत्रित रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही CBS Upgradation के उपरांत IFSC. Mobile Banking. IMPS जैसी आधुनिक तकनीकी सेवाओं को शीघ्र प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया।




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