राष्ट्रीय महिला दिवस पर 253 अभ्यर्थियों को दिया गया नियोजन पत्र





पटना। राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला सशक्तिकरण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के तहत महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार द्वारा दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान में नियोजन पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कुल 253 नव चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।




नियोजन विवरण के अनुसार राज्य बाल संरक्षण समिति, पटना अंतर्गत 106 तथा महिला एवं बाल विकास निगम अंतर्गत 147 अभ्यर्थियों (केस वर्कर, OSC काउंसलर, पैरा लीगल, पैरा मेडिकल, डीईओ) को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।




सिविल सेवा प्रोत्साहन राशि योजना के अंतर्गत 71वीं बीपीएससी हेतु चयनित 755 महिला अभ्यर्थियों के बैंक खातों में ₹3,77,50,000 की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई।




इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना के तहत यूटीआई बॉन्ड की परिपक्वता राशि बालिकाओं के खातों में भेजने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। वर्ष 2026 के लाभार्थियों को राशि चरणबद्ध रूप से दी जाएगी। इसी क्रम में आज 11 बालिकाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।




कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सचिव, समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार, श्रीमती बंदना प्रेयषी उपस्थित रहीं। उनके साथ श्री योगेश कुमार सागर, अपर सचिव, समाज कल्याण विभाग, श्रीमती रंजिता, निदेशक, समाज कल्याण निदेशालय; बंकु सरकार, UNICEF; श्रीमती मार्गण सिन्हा, उप सचिव; मंजूषा चंद्रा, प्रशासी पदाधिकारी; श्रीमती ममता झा, संयुक्त निदेशक, बाल संरक्षण इकाई; यूटीआई के प्रतिनिधि सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।




स्वागत संबोधन में श्री योगेश कुमार सागर ने कहा कि चयनित अभ्यर्थी विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर महिला सम्मान एवं सुरक्षा की शपथ दिलाई गई तथा मुख्य अतिथि द्वारा After Care मार्गदर्शिका एवं कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया।




अपने संबोधन में सचिव श्रीमती बंदना प्रेयषी ने कहा कि
“यह नियुक्ति समारोह केवल पदभार ग्रहण करने की औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज के सबसे जरूरतमंद वर्गों के जीवन में परिवर्तन लाने की जिम्मेदारी का आरंभ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सम्मानित जीवन प्रदान करने के लिए निरंतर अवसर सृजित कर रही है।”






उन्होंने आगे कहा कि “आज नियुक्त हुए 253 अभ्यर्थी विभाग की नीतियों को धरातल पर उतारने वाले परिवर्तन के वाहक बनेंगे। उनकी संवेदनशीलता, समर्पण और कार्यकुशलता से हजारों महिलाओं और बच्चों को समय पर सहायता, संरक्षण और न्याय मिल सकेगा। सिविल सेवा प्रोत्साहन राशि के अंतर्गत बड़ी संख्या में महिलाओं को डीबीटी के माध्यम से सहायता प्रदान किया जाना इस बात का प्रमाण है कि बिहार में बेटियाँ अब सपनों को साकार करने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रही हैं।”

अंत में उप सचिव श्रीमती मार्गण सिन्हा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया।

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