पटना, 24 जनवरी 2026: राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार द्वारा डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम साइंस सिटी, राजेंद्रनगर, पटना में एक विशेष कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी एवं गणित) शिक्षा के प्रति प्रेरित करना तथा उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने के महत्व को रेखांकित करना था।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास निगम की प्रबंध निदेशक श्रीमती बंदना प्रेयषी, कार्यपालक निदेशक श्री योगेश कुमार सागर, उप सचिव-सह-नोडल पदाधिकारी श्रीमती मृगन सिंह तथा निदेशक, सामाजिक सुरक्षा निदेशालय से श्रीमती गायत्री कुमारी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में रघुनाथ प्रसाद स्कूल, पटना, केंद्रीय विद्यालय, कंकड़बाग तथा रवींद्र बालिका +2 विद्यालय की छात्राओं ने अपना अनुभव साझा किया। इसके पश्चात STEM आधारित प्रेरक फिल्म ‘Mission Mangal’ का प्रदर्शन किया गया, जिसने छात्राओं को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारतीय महिलाओं की उपलब्धियों से परिचित कराया।
इसके बाद छात्राओं ने साइंस सिटी का भ्रमण कर विज्ञान एवं तकनीक से जुड़े विभिन्न नवाचारों को प्रत्यक्ष रूप से जाना।
इस अवसर पर छात्राओं द्वारा अनुभव साझा करने का सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें
अनुकृति (रघुनाथ प्रसाद स्कूल, पटना),
कनक (केंद्रीय विद्यालय, कंकड़बाग) तथा
आकृति आनंद (रवींद्र बालिका +2 विद्यालय)
ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि STEM से जुड़कर वे विज्ञान और तकनीक को करियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित हुई हैं।
इस अवसर पर श्री योगेश कु० सागर, कार्यपालक निदेशक, महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार ने STEM शिक्षा को बालिकाओं के आत्मनिर्भर भविष्य की आधारशिला बताया।उन्होंने कहा—“कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स जैसी वैज्ञानिकों ने यह सिद्ध कर दिया कि महिलाएँ केवल समाज की तय भूमिकाओं तक सीमित नहीं हैं। STEM शिक्षा बेटियों को यह स्वतंत्रता देती है कि वे अपने सपने स्वयं चुनें और उन्हें साकार करें।”
वहीं इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार की प्रबंध निदेशक ने कहा—“आज बिहार की बेटियाँ STEM के क्षेत्र में नई पहचान बना रही हैं। AI, इंजीनियरिंग, अंतरिक्ष विज्ञान और कृषि अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में ऐश्वर्या वर्मा, डॉ. सपना सिन्हा, आरती गुप्ता, प्रीति और मधुलिका सिंह जैसी बेटियाँ यह साबित कर रही हैं कि प्रतिभा को सीमाओं में नहीं बाँधा जा सकता। हमारा प्रयास है कि हर बालिका को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।”
कार्यक्रम के अंत में अपनी-अपनी कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को टोकन ऑफ़ अप्रिसिएशन प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे छात्राओं का उत्साहवर्धन हुआ।






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