बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान फुलवारी शरीफ पहुंचे अपने दोस्त के घर



पटना। फुलवारी शरीफ के एफसीआई रोड स्थित मोहम्मद नियाज अहमद के घर बिहार के नवनियुक्त राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान पहुंचे. बताया जाता है कि मोहम्मद नियाज अहमद उनके पुराने कॉलेज के समय के मित्र हैं जिनसे मुलाकात करने वह पहुंचे थे.

उन्होंने काफी देर तक उनके साथ बैठकर चाय पी और उनसे बातचीत की पुरानी यादों को ताजा किया. नियाज अहमद ने पत्रकारों से बातचीच में बताया कि यह आरिफ साहब का हमारे घर आना बड़ी बात है. नियाज अहमद ने बताया कि राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान उनके मित्र हैं और आज ही आए हैं. वह हमसे मिलने आए हाल-चाल लेने के लिए आए. 50 के बाद हमारी मुलाकात हुई है. वे यहां (पटना) आए तो सबसे पहले हमसे मिलने आए, और इस तरह कृष्ण और सुदामा की मिसाल इन्होंने साबित की है.

नियाज अहमद आगे कहते हैं कि कॉलेज के समय के हम मित्र रहे हैं, आज हम साधारण आदमी हैं और वह बहुत बड़े हैं. पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान हमारे मित्र हैं. केरल से आने के बाद बिहार आए तो हमसे घर पर आकर उन्होंने खुद मुलाकात की. नियाज अहमद ने कहा कि हमारे बुलावे पर नहीं, बल्कि वह अपने मन से हमारे घर पर पहुंचे, यह बहुत बड़ी बात है. जिस तरह से कृष्ण ने सुदामा की मुलाकात की, इसी तरह की हमारी मुलाकात थी.

क्यों आ रहे…हम मामूली इंसान…मत आइये हमारे घर

नियाज अहमद ने कहा कि, इनको हमने मना भी किया था कि मत आइये. हमको फोन आया कि मैं आ रहा हूं तुम्हारे पास.. लेकिन मैंने उन्हें मना किया और कहा कि अरे बिलावजह (बिना कारण) क्यों आ रहे हो? मैंने कहा क्यों आ रहे हो तुम मेरे पास… कोई व्यवस्था नहीं है मेरे यहां, हम एक मामूली इंसान हैं. तुम फोन करोगे तो हम खुद आ जाएंगे गवर्नर हाउस…तो उन्होंने जवाब दिया कि…नहीं-नहीं मैं आऊंगा ही, तुमसे मिलने के लिए.

10 साल में भूल जाते हैं लोग, 50 साल बाद भी याद रहे

नियाज अहमद आगे कहते हैं, जिस तरह से अनएक्सपेक्टेड तरीके से वह हमारे घर पहुंचे और हमसे मुलाकात की और पुरानी यादें ताजा कीं, हमें काफी अच्छा लगा. नियाज अहमद ने कहा कि आज के दौर में यह बहुत बड़ी बात है. यह अनपेक्षित था कि कोई भी गवर्नर अपने 50 साल पुराने दोस्त से मिलने उसके घर आ जाए. यह बड़ी बात है…. आज के समय में जो समय चल रहा है. 10 साल में लोग भूल जाते हैं. लेकिन, इतने बड़े आदमी बन गये हैं, गवर्नर बहुत बड़ा पद है देश के लिए.

कौन हैं आरिफ साहब के दोस्त मोहम्मद नियाज अहमद?

बता दें कि मोहम्मद नियाज अहमद मूल रूप से दरभंगा जिले के बहेड़ी के रहने वाले हैं. वह झारखंड सरकार में रेवेन्यू विभाग में अधिकारी थे और वर्ष 2010 में रिटायर हो चुके हैं. उन्होंने बताया कि 1968 से 1975 के बीच एक साथ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़े थे और इनकी गहरी मित्रता रही है. इतने वर्षों के बाद भी उन्होंने एक साधारण आदमी को याद रखा और उनसे मिलने घर चले आए तो यह एक इंसान की ऊंची सोच को दर्शाता है.

मुलाकात के बाद आरिफ मोहम्मद खान ने क्या कहा

बता दें कि आरिफ मोहम्मद खान जब मोहम्मद नियाज अहमद से मिलकर लौटे तो उन्होंने मीडिया कर्मियों से बात भी की. इस मौके पर जहां राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने बताया कि नव वर्ष आने वाला है उसकी सभी को ढेर सारी बधाईयां. साथ ही जब उनसे शिक्षा के विकास की बात पूछी गई तो उन्होंने कहा कि पहले आप लोगों के साथ बैठेंगे विचार करेंगे और उसके बाद शिक्षा की विकास की बात करेंगे फिर शिक्षा का विकास करेंगे.

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