पटना के युवक ने वाराणसी में संदिग्ध परिस्थितियों में लगाई फांसी, वियोग में पत्नी ने भी छत से कूदकर दे दी जान




न्यूज़ डेस्क। हरीश बगेश और संचिता श्रीवास्तव, एक दूसरे को स्कूल के दिनों से पसंद करते थे. दोनों ने करियर को लेकर भी साथ में सपने देखे. हरीश ने एमबीए किया और उसकी नौकरी मुंबई के एक प्राइवेट बैंक में लग गई. इसके बाद हरीश ने किसी तरह परिवार को मनाकर संचिता श्रीवास्तव से शादी कर ली. पत्नी संचिता मॉडलिंग के साथ ही फैशन फोटोग्राफी करती थी।

नवविवाहित कपल अपने सपनों को लेकर मुंबई चला गया, लेकिन यहां संचिता की तबीयत खराब रहने लगी. परेशान हरीश ने नौकरी छोड़ दी औऱ संचिता को लेकर गोरखपुर आ गया. कुछ दिन पत्नी के साथ रहा और अपने घर पटना जाने की बात कहकर निकला, लेकिन वाराणसी चला गया. यहां उसने एक होम स्टे में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. इसकी जानकारी के बाद संचिता भी अपने घर के छत से छलांग लगा दी, जिससे उसकी भी मौत हो गई.




मामले की जानकारी के बाद अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा कि भाजपा सरकार की नाकामी का इससे बड़ा कोई और हलफ़नामा चाहिए क्या? भाजपा को सिर्फ़ सत्ता की राजनीति से मतलब है, जनता के दुख-दर्द, बेरोज़गारी या महंगाई से नहीं. भाजपा राज में हताश जनता से विनम्र आग्रह है कि ऐसा कोई भी क़दम न उठाएं क्योंकि आत्महत्या कोई समाधान नहीं है, समाधान है भाजपा सरकार का बदलना.

अब जान लीजिए कि आखिर मामला क्या है ?

मामले की जांच में जुटी पुलिस के मुताबिक, हरीश बगेश की उम्र करीब 28 साल है, जबकि संचिता श्रीवास्तव की उम्र भी इसी के आसपास होगी. पटना का रहने वाला हरीश और गोरखपुर की रहने वाली संचिता ने वाराणसी के एक स्कूल से एक साथ पढ़ाई की. स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही दोनों के बीच प्यार हुआ. कॉलेज की पढ़ाई के बाद हरीश एमबीए करने जम्मू चला गया, जबकि संचिता पेशे से फोटोग्राफर बन गई. दोनों अपने-अपने फील्ड में अपनी-अपनी जॉब में मशगूल थे, लेकिन उनकी बातचीत होती रही.




संचिता, पहले से मुंबई में रहती थी, बाद में एमबीए करने के बाद हरीश भी मुंबई चला गया. फिर दोनों ने एक-दूसरे से प्यार का इजहार किया और फिर नवंबर 2022 में दोनों ने शादी कर ली. दोनों की जिंदगी ठीक-ठाक चल रही थी. कहा जा रहा है कि मुंबई में रहने के दौरान दोनों नशे के शिकार हो गए थे. नशे के कारण ही संचिता की तबीयत खराब हुई और करीब दो महीने पहले पति-पत्नी गोरखपुर लौट आए. यहां आने के बाद से हरीश अपने ससुराल में ही रह रहा था.




रिपोर्ट्स के मुताबिक, 6 जुलाई के हरीश ने संचिता से कहा कि पटना में उसके घर के पास बाढ़ आ गया है, उसे जाना होगा. फिर हरीश गोरखपुर से पटना के लिए निकला, लेकिन पटना न जाकर वाराणसी के सारनाथ में एक होम स्टे में रूक गया. यहां रविवार को उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. जब ये जानकारी संचिता को हुई, तो उसने भी गोरखपुर में अपने घर के फर्स्ट फ्लोर से कूदकर खुदकुशी कर ली.

नशे के शिकार हरीश औऱ संचिता से परिवार ने कर लिया था किनारा

जानकारी के मुताबिक, संचिता के पिता रामशरण दास पेशे से डॉक्टर हैं. उन्होंने दो शादियां की थी. पहली पत्नी से संचिता थी. संचिता थोड़ी बड़ी हुई तो रामशरण ने दूसरी शादी कर ली. इसके बाद उन्होंने संचिता को पढ़ाई और अन्य वजहों से ज्यादातर घर से बाहर ही रखा. जब नशे के कारण संचिता की तबीयत खराब हुई और वो हरीश के साथ अपने मायके गोरखपुर के सिविल लाइंस पहुंची तो परिजन को दोनों के नशे का शिकार होने की जानकारी मिली. इसके बाद परिवार ने दोनों से किनारा कर लिया. कहा जा रहा है कि पहले जॉब जाने और फिर परिवार के किनारा कर लेने के बाद हरीश और संचिता डिप्रेशन के शिकार हो गए थे. जब पुलिस ने होम स्टे से हरीश की लाश निकलवाई तो वहां सिगरेट, गांजा, लाइटर आदि नशे का सामान पड़ा मिला।

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