न्यूज़ डेस्क। पटना के ऐतिहासिक और सबसे पुराने बांकीपुर क्लब में केन्द्रीय जीएसटी टीम ने छापा मार कर करोड़ों रुपए से अधिक जीएसटी नहीं जमा करने तथा क्लब द्वारा साल 2017 से अबतक जीएसटी रजिस्ट्रेशन नहीं कराने का मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार वर्ष 2017 से क्लब ने कभी भी जीएसटी भरा ही नहीं, जबकि क्लब में होने वाले कार्यक्रम और क्लब के मेंबरों से पैसे आमदनी के रूप में वसूले जाते रहें।
बताते चलें बांकीपुर क्लब में शादी-विवाह के आयोजन से लेकर कई तरह की गतिविधियां होती हैं, जो 18 फीसदी सेवाकर के दायरे में आती हैं। इसमें तैराकी, बिलियर्ड, स्कवैश, स्नूकर, साप्ताहिक सिनेमा का आयोजन समेत ऐसी अन्य गतिविधियां शामिल हैं। इन सभी गतिविधियों के लिए सदस्यों या इसमें शामिल होने वाले लोगों से पैसे लिए जाते हैं, लेकिन इन पर न टैक्स की कटौती हुई और न ही जीएसटी जमा किया जाता है।
स्विमिंग पुल के किनारे शादी-विवाह का आयोजन करने के लिए 75 हजार रुपये तक और अंदर के हॉल के लिए अलग से शुल्क लिया जाता है। इस क्लब में 500 स्थायी सदस्य हैं और डेढ़ से दो हजार अस्थायी सदस्य हैं। सदस्यों को प्रत्येक तीन साल पर 50 हजार रुपये सदस्यता शुल्क के तौर पर देकर इसे रिन्यू कराना पड़ता है। सदस्यता पर भी किसी तरह का जीएसटी नहीं लिया गया और न ही इसे जमा कराया गया।
फिलहाल जीएसटी टीम पूरे खाते की जांच पड़ताल में जुटी है कई अधिकारी से भी पूछताछ की जा सकती है वर्तमान में इसके अध्यक्ष महेश अग्रवाल और ट्रेजरर बिपिन कुमार सिन्हा हैं।

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