रिपोर्ट - नितीश कुमार
जिला - पटना
अरवल जिले के एक बड़े रेड लाइट एरिया में छापेमारी की है. यह रेड लाइट एरिया अरवल थाना क्षेत्र में ही पड़ता है, जनकपुर के समीप जहां काफी लंबे समय से सेक्स रैकेट के धंधे का संचालन किया जा रहा था. बताया जा रहा है कि पटना पुलिस, एक एनजीओ और स्थानीय थाना की एक बड़ी टीम ने मिलकर यह छापेमारी की है. जिसमें लगभग 20 लड़कियों को पकड़ा गया है.
सेक्स रैकेट के बड़े गिरोह का भंडाफोड़ के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है बताया जा रहा है कि पटना और अरवल की पुलिस ने संयुक्त रुप से ये छापेमारी की है. कुछ लड़कियों ने ऐसी शिकायत की है कि उनसे जबरन देह व्यापार कराया जा रहा है. जानकारी मिली है कि कुछ स्थानीय लोगों ने शिकायत की थी कि उनके इलाके में देह व्यापार का धंधा चल रहा है. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने रेड लाइट एरिया में दबिश डाली और छापेमारी के दौरान कई लड़कियों को गिरफ्तार किया.रेड के दौरान पकड़ी गई लड़कियों में कुछ ने शिकायत की है.
लड़कियों का कहना है कि उनसे जबरन देह व्यापार कराया जा रहा है. वो इस धंधे में अपनी मर्जी से नहीं आई हैं. उन्हें जबरन धकेला गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. आपको बता दें कि इससे पहले भी पुलिस को यह शिकायत मिली थी कि यहां लड़कियों को लाकर उनसे जबरन देह धंधा कराया जाता है.पुलिस ने बताया कि पटना के एनजीओ ने पुलिस को जानकारी दी थी कि हाल में कुछ लड़कियों की खरीद-फरोख्त कर दलालों के रेडलाइट एरिया में लाया गया है. इसमें कई नाबालिग हैं. इसके बाद एनजीओ की सूचना पर पुलिस ने छापेमारी की और इस मामले का खुलासा किया.
बरामद की गई लड़कियां बिहार के आलावा अन्य इलाकों की भी बताई जा रही हैं. जिनसे पूछताछ की जा रही है. पकड़ी गई लड़कियों का आरोप है कि धंधे में थोड़ा भी आनाकानी करने पर उनके ऊपर जुल्म किया जाता है. कई दिनों तक खाना नहीं मिलता. गलत काम के लिए इंजेक्शन दिया जाता था. भागने का प्रयास करने पर मकान में बने तहखाने में बंद कर यातनाएं दी जाती थीं. ट्रेन या बस से लाने के दौरान नई लड़कियों को अक्सर रात में आंखों में पट्टी बांधकर दलालों द्वारा स्टेशन से यहां तक पहुंचाया जाता था.


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