विश्व प्रसिद्ध सौराठ सभा का होगा कायाकल्प : अजय कुमार झा राष्ट्रिय अध्यक्ष राष्ट्रीय परशुराम परिषद



अररिया/फारबिसगंज- ज्ञान मिश्रा

 सौराठ सभा के गौरवशाली अतीत को बहाल करने में स्थानीय लोगों का सहयोग अपेक्षित।
मैं ब्राह्मण समाज व मानवता के रक्षा के लिए सदैव उपलब्ध रहता हूँ। 

हर सम्भव अपने कूल मूल के रक्षा के लिए काम करता रहूँगा। 

अटल भारत फाउंडेशन के संरक्षक एवं राष्ट्रीय परोश्रम परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पंडित श्री अजय झा द्वारा मिथिला के गौरवशाली विश्व प्रसिद्ध सौराठ सभा का कायाकल्प किया जाएगा। इसकी तैयारी अटल भारत फाउंडेशन ने शुरू कर दी है। सौराठ सभा के पंजी कंप्यूटरीकृत व्यवस्था बहाल करने के साथ सभा परिसर को बेहतर स्वरूप देने के लिए योजना बनाई जाएगी। श्री झा ने बताया कि सौराठ सभा में मैथिल ब्राह्मण अपने पीढ़ियों का वंशावली मिलान को पंजीकार के पास पहुंचते हैं। सौराठ सभा स्थल को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। इसके लिए अटल भारत फाउंडेशन बिहार व केंद्र सरकार से मिलकर पहल करेंगी। सौराठ सभा परिसर में मंदिर, धर्मशाला, मंडप आदि धार्मिक संरचना का जीर्णोद्धार व सुंदरीकरण को शामिल किया जाएगा। श्री झा ने बताया कि जिला मुख्यालय से करीब आठ व रहिका प्रखंड मुख्यालय से तीन किमी की दूरी पर अवस्थित सौराठ सभा के गौरवशाली अतीत को बहाल करने में स्थानीय लोगों का सहयोग अपेक्षित है। मैथिली ब्राह्मणों का विश्व प्रसिद्ध वैवाहिक संबंध निर्धारण स्थल सौराठ सभा के पंजी कंप्यूटराइजेशन केंद्र का ऑनलाइन शुरुआत से मैथिल ब्राह्मणों को वंशावली संबंधी जानकारी ऑनलाइन सुलभ हो जाएगा। 



अटल भारत फाउंडेशन द्वारा सौराठ सभा के पंजी कंप्यूटराइजेशन केंद्र की शुरुआत सात जुलाई को किया जाएगा। विवाह पूर्व कुल, गोत्र का मिलान धार्मिक व वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जरूरी होता है। समय के बदलते परिवेश में मैथिल ब्राह्मणों का वैवाहिक निर्धारण स्थल सौराठ सभा की महत्ता और बढ़ जाती है। इस दृष्टिकोण में श्री प्रदीप जी एवं श्री अजय कुमार झा जी लोकप्रिय गायक एवं पद्म भूषण से सम्मानित श्री उदित नारायण झा जी एवं उनके पुत्र श्री आदित्य नारायण झा जी से भी बात हुई है और साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे लोग सौराट सभा की जिन उधार के लिए अपना भरपूर सहयोग देने की बात कही है इस पहल के लिए प्रदीप झा अध्यक्ष अटल भारत फाउंडेशन और समस्त मैथिल समाज को धन्यवाद देता हूँ।

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