एनएच के किनारे बसे गांव की एप्रोच सड़कों का हुआ हाल बुरा



मधुबनी - लदनियां से हरिश्चन्द्र यादव की रिपोर्ट

 लदनियां वाया जयनगर- लौकहा एनएच 227 का निर्माण बीस वर्षों के बाद पूर्णता की ओर अग्रसर है। कुछ जगहों को छोड़ सड़क का कालीकरण भी हो गया। लोगों में सड़क निर्माण को लेकर बारिश से पहले प्रसन्नता थी। बारिश आते ही प्रसन्नता विषाद में बदल गई। सड़क की ऊंचाई बढ़ने से पद्मा, पिपराही, लदनियां, लक्ष्मीनियां, तेनुआही, योगिया, छपकी समेत अन्य गांव की सम्पर्क सड़कों पर पानी जमा हो गया है। पानी के निकास की व्यवस्था नहीं होने से कई लोगों के घर में पानी घुस गया है। पानी से बदबू आने लगी है। कोरोना से भयभीत लोगों को गंदे बदबूदार पाने से अन्य बीमारियों के फैलने की आशंका सताने लगी है।

  एनएच निर्माण कंपनी बीएससीपीएल द्वारा शेष कार्य जारी है। पाने के जमावड़े से परेशान लोग मुखिया व सीओ से शिकायत कर रहे हैं। कोई रास्ता नहीं निकलते देख लोगों में आक्रोश व्याप्त है। पूछे जाने पर पिपराही पंचायत के मुखिया दिलीप यादव ने कहा कि पहले ग्रामीण सम्पर्क इन सड़कों का पानी मुख्य सड़क से होकर गुजरता था। सड़क की ऊंचाई बढ़ते ही पानी घिर गया और जमावड़े का रूप ले लिया। इसकी निकासी के लिए नाला खोदने की जरूरत है, लेकिन लोग निजी जमीन में नाला निर्माण करने की बात का विरोध कर रहे हैं। वैसे सीओ व बीडीओ को इसकी जानकारी दी गई है। सीओ निशीथ नंदन ने दूरभाष पर बताया कि पद्मा- छपकी व पिपराही समेत अन्य सड़कों पर हुए जलजमाव की निकासी की दिशा में पहल शुरू की जा रही है। इसके निराकरण के लिए उक्त स्थानों पर सीआई को भेजा जा रहा है। तेनुआही स्थित सोनी नदी का पानी निजी जमीन पर घर निर्माण कर लिए जाने के कारण विशाल भूखंड में जमा होने लगा है, जिससे खतरे की आशंका है। इस पानी को निकालने के लिए नाला निर्माण कराने की जरूरत है। पहल शुरू कर दी गई है।

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