नवगछिया - गोपालपुर के विधायक नरेंद्र कुमार नीरज ने कहा कि गोपाल मंडल को कोई बंधक नहीं बना सकता है, जो बंधक बन गया वह तो वहीं पर मर गया. हमारा एक तौर तरीका है. अगर कोई आफत आएगा तो हम छोड़ेंगे नहीं. बांका के बौसी में जमीन विवाद को लेकर वहां के स्थानीय ग्रामीणों और विधायक के बीच हुई नोकझोंक की पूरी कहानी का जिक्र करते हुए श्री मंडल ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा है कि वहां कोई भी हमसे बड़ा लाठी बाज नहीं था. अगर हम लाठी चलाने लगेंगे तो कईयों को हम झांट देंगे. हम तो लड़ाकू आदमी हैं ही, फिर रिवाल्वर मेरे पास रहता है न, जरूरत पड़ा तो ठोक देंगे. विधायक ने पूरी कहानी का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 9 महीने पहले उन्होंने एक स्कूल बनाने के लिए जमीन खरीदी थी. जिस वक्त उन्होंने जमीन खरीदी थी उस समय पूरी तरह से खाली था. बीच में करोना काल आ गया. चुनाव आ गया और चुनाव के बाद वे मंत्री बनने पटना चले गए. पिछले दिनों कई लोग उनको कह रहे थे कि उनकी जमीन पर कई लोगों ने कब्जा कर लिया है. वही देखने के लिए वे वहां पर गए थे. लेकिन पूरे 25 बीघा जमीन पर प्लॉटिंग करके मकान बना लिया है और किसी ने पक्का मकान बना लिया तो किसी ने चहार दिवारी देकर छोड़ दिया है. गोपाल मंडल ने कहा कि जैसे ही उनकी गाड़ी वहां पर लगी तो कुछ लोग लाठी लेकर उनकी तरफ दौड़ गए. जब पूछा गया कि आप लोग कौन हैं मेरे जमीन पर घर क्यों बना रहे हैं तो वहां के लोगों ने कहा कि आप कौन हैं और यहां क्यों आए हैं. श्री मंडल ने कहा कि मैंने अपना परिचय दिया. इसके बाद वहां के लोगों ने पूछा कि आप तो हथियार के साथ क्यों आए हैं. उन्होंने इस संदर्भ में देवघर में हुई एक स्कूल के डायरेक्टर की हत्या की घटना का भी जिक्र करते हुए कहा कि हमको मरना नहीं है इसलिए हम लोग पूरी व्यवस्था के साथ चलते हैं. गोपाल मंडल ने कहा कि इस बीच मेरे समर्थकों और वहां के लोगों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. इसके बाद उन्होंने पुलिस को फोन किया तो मौके पर पुलिस पहुंची लेकिन एक पुलिस पदाधिकारी के साथ चार महिला सिपाहियों को भेजा गया था जो कि कुछ कर पाने में सक्षम नहीं थे. इसके बाद फिर उन्होंने वहां के डीएसपी को फोन किया तो उन्होंने कहा कि मैं अच्छे फोर्स को भेज रहा हूं. इसी बीच वहां जदयू क्या स्थानीय संगठन के एक नेता आए तो उन्होंने मुझसे कुशल छेम लिया तो मैंने पूरी बात बताई और मैंने कहा कि मैं यहां सिर्फ देखने के लिए आया था और मैं अब यहां से जाऊंगा. श्री मंडल ने कहा कि 1 घंटे तक उन लोगों ने मुझे डिस्टर्ब किया. विधायक ने कहा कि उन्होंने वहां के लोगों का मोबाइल नंबर भी लिया है और उसने कहा कि 24 तारीख को विधानसभा का सत्र समाप्त हो रहा है वह 25 या फिर 26 तारीख को वहां जाएंगे. सबों को जमीन का पेपर तैयार रखने कहा गया है. अगर जमीन वहां के लोगों को निकली तो वह हाथ जोड़कर वहां से चले आएंगे और अगर वह जमीन मेरी निकली तो फिर बुलडोजर लगाकर घर तोड़वा देंगे. आदमी को तोड़ देंगे तो जमीन क्या है. विधायक ने कहा कि इस घटना की उन्होंने कहीं पर भी लिखित शिकायत नहीं दी है क्योंकि लिखित शिकायत कमजोर आदमी देता है और वह एक नेता हैं. अब हुए सिस्टम से वहां पहुंचेंगे.
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