पटना में भी इस देशव्यापी हड़ताल का असर साफ दिखता नजर आ रहा है, पटना के भी सभी बैंक आज बंद दिखे, प्राइवेट बैंको को भी यूनियन वालो ने बंद करवा दिया।पटना के गांधी मैदान स्थित, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मेन ब्रांच के कर्मचारी भी मुख्य द्वार पर धरना प्रदर्शन करते और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते दिखे। इसी तरह लगभग पटना के सभी बैंको के कर्मचारी अपने अपने बैंकों के बाहर प्रदर्शन कर रहें हैं।
दरअसल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के तत्वाधान लाख बैंक कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहेंगे,हालाकि ऑनलाइन और ATM सेवा को इस हड़ताल से अलग रखा गया है।
लगातार हो रहे बैंक मर्जर से बैंककर्मी काफी दबाव में काम कर रहे हैं, इससे पहले भी 14 सार्वजनिक बैंकों का मर्जर किया जा चुका है और अब केंद्र सरकार ने 4 मिड साइज बैंकों को प्राइवेटाइजेशन के लिए शॉर्टलिस्ट किया है। उनमें बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का नाम शामिल है। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही इन्हें सरकारी से प्राइवेट बनाया जा सकता है। इसके अलावा एक एलआईसी को भी इस श्रेणी में लाने की योजना एक फ़रवरी को पेश बजट में वित मंत्री ने कही थी।
फिलहाल बैंकों के सारे कर्मचारी निजीकरण की इस प्रकिया वापस लेने की मांग कर रहें हैं।
यूनियन का कहना है बैंकों की स्थिति पहले से बेहतर हुई है, NPA भी कम हो रहा है ऐसे में सरकार का फैसला समझ से परे है।इस हड़ताल से बैंको में डिपॉजिट, ट्रांसफर, विड्रॉल, लोन और चेक क्लियरिंग जैसी सेवा प्रभावित हो रही है। एटीएम के माध्यम से ग्राहक पैसे निकासी करते दिखे।





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