शेखपुरा से सुनील कुमार की रिपोर्ट
बसंत पंचमी के मौके पर मंगलवार को पूरे जिले में श्रद्धा एवम भक्ति के साथ विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा अर्चना की गई। इस अवसर पर सैकड़ों शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर देवी सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर उनकी पूजा अर्चना की गई। जबकि बसंत पंचमी के अवसर पर शिव मन्दिरों में विशेष पूजा अर्चना लोगों ने की।साथ ही रंग गुलाल उड़ाए। जिला प्रशासन के सख्ती के कारण जिले के पूजा समितियों द्वारा आयोजित किए जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विसर्जन जुलूस में डी जे बजाने पर रोक लगा दी गई है। जिले के साई ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन ओनामा, संस्कार पब्लिक स्कूल , एस ए डी एन स्कूल , उषा पब्लिक स्कूल , अमर ज्योति स्कूल , ज्ञान कुंज कोचिंग, बरबीघा के संत मैरिज इंग्लिश स्कूल , डिवाइन लाइट पब्लिक स्कूल , एकसेलेंस पब्लिक स्कूल , आदर्श भारती स्कूल ,जवाहर नवोदय विद्यालय शेखपुरा सहित अन्य स्कूलों और जगहों पर धूमधाम के साथ सरस्वती पूजा मनाया गया। पूजा की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ एवं उसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया। पुराणों के अनुसार, वसंत पंचमी के दिन ब्रह्माजी के मुख से मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था इसीलिए हम लोग आज के दिन सरस्वती पूजा का आयोजन करते हैं। ऐसी भी मान्यता है कि मां के वीणा बजाने से संसार के सभी जीव-जंतुओ को वाणी प्राप्त हो गई थी उसके बाद से ही उनका नाम 'सरस्वती' हो गया। मां सरस्वती को संगीत के साथ ही विद्या और बुद्धि की भी देवी कहा जाता है। सरस्वती पूजा के मद्देनजर कई जगहों पर मजिस्ट्रेटों के नेतृत्व में पुलिस बलो की तैनाती की गई है।नए नए रंग बिरंगे परिधानों में खासकर पीले वस्त्रों में लोग सज धजकर पूजा पंडालों में पूजा अर्चना करने पहुंचे।

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