कहा जाता है सोये रातों में दिखा स्वप्न सपने नहीं होते, सपने वो होते जो रात को सोने नहीं देते। ऐसा ही कुछ सपना IDYM फाउंडेशन के क्रियाविधि से प्रेरित होकर संस्थापक रविशंकर कुमार , वैज्ञानिक ई रत्नेश मिश्रा, ई मानवी धवन, ई अनमोल सिक्का,ई यश सांघवी, ई स्वप्नानील तालुकदार ई दीपक शर्मा के दिशा निर्देश एवं दीनुल आज़मी, जीनाथ मुनावर की संस्था के प्रति समर्पण से प्रेरित होकर पर्वणी महाराष्ट्र के नवीं कक्षा के छात्र केदार ने दुनिया के सबसे छोटा सैटेलाइट बनाकर, प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत अभियान का रोल मॉडल बन गया है। इस सैटेलाइट का प्रक्षेपण DRDO के उपस्थिति में 7 फरवरी 2021 को किया जाएगा।
इस पहल से दुनिया के सबसे बड़े स्पेश एजेंसी नासा के तर्ज पर बाल वैज्ञानिकों को चिन्हित कर भारत को न सिर्फ आत्मनिर्भर बनाने की बल्कि दुनिया में एक मिसाल पेश करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।





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