मधुबनी- लदनियां से हरिश्चन्द्र यादव की रिपोर्ट
सरकार ने वैश्विक महामारी कोरोना के मद्देनजर मार्च 2020 में शिक्षण संस्थाओं को बंद करने का आदेश दिया था। करोना के घटते प्रभाव व छात्र हित को देखते हुए सरकार ने 4 जनवरी 2021 से स्कूलों को खोलने का आदेश देते हुए गाइडलाइन जारी किया है। संस्था प्रधानों द्वारा स्कूलों को खोलने के तैयारी की जा रही है। सत्र् 20-21 के शेष तीन महीने बाकी हैं।
फरवरी से मैट्रिक व इन्टर की परीक्षा शुरू होने वाली है। इस हिसाब से वर्ग संचालन के लिए डेढ़ से दो महीने शेष हैंं। सिलेबस को शोर्ट करने पर भी पढ़ाई पूरी नहीं हो पाएगी। कई स्कूलों में विषयवार शिक्षक नहीं हैं। पूछे जाने पर खाजेडीह स्थित हाई स्कूल के एचएम श्रीप्रसाद सिंह ने कहा कि यहां हाई स्कूल स्तर पर गणित, अंग्रेजी व हिंदी में शिक्षक नहीं हैं।
सामाजिक विज्ञान के दो में से एक पद रिक्त है। इसी प्रकार इस विद्यालय में नामांकित इन्टर विज्ञान व कला संकाय के छात्रों को पढ़ाने के लिए मात्र दो शिक्षक हैं, जो इतिहास व हिन्दी पढ़ाते हैं। शेष 21 पद रिक्त हैं। ऐसी स्थिति में सिलेबस पूरा करना असंभव दिखता है।
इसी प्रकार की कठिनाई से खाजेडीह स्थित जयकृष्ण झा प्रोजेक्ट बालिका विद्यालय की एचएम वीणा कुमारी को भी जूझना पड़ सकता है। वहां भी मैट्रिक स्तर की छात्राओं को पढ़ाने के लिए विज्ञान व गणित के शिक्षक नहीं हैं। इन्टर स्तर पर मात्र हिन्दी व इतिहास के ही शिक्षक हैं। सवाल उठता है, ऐसी स्थिति में बिना पढ़े छात्र परीक्षा में सम्मिलित होंगे, जो इनकी मजबूरी होगी।

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