डॉ. राजेश्वर सहाय त्रिपाठी की जयंती पर गूंजे विचार और साहित्य के स्वर, कवियों ने बांधा समां




एक दिन कुछ यूँ तेरे दिल में उतर जाऊँगी मैं-चाँदनी दुबे

प्रतापगढ़। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं अनेक शिक्षण संस्थाओं के जनक स्वर्गीय डॉ. राजेश्वर सहाय त्रिपाठी की जन्म जयंती के अवसर पर 14 अक्टूबर को त्रिपाठी निकेतन, सदर बाजार, प्रतापगढ़ में विचार गोष्ठी एवं कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, साहित्यकारों एवं गणमान्य लोगों ने डॉ. त्रिपाठी के व्यक्तित्व, कृतित्व और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह विचारों, साहित्य और काव्य की त्रिवेणी के रूप में यादगार बना।

कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद् डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी ने की। मुख्य अतिथि सदर विधायक राजेन्द्र मौर्य रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. दया राम मौर्य ‘रत्न’ उपस्थित रहे। उद्घाटन अतिथि प्रतिभा पाण्डेय रहीं। मीरा तिवारी ने दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती की वंदना के माध्यम से कार्यक्रम का शुभारंभ किया।





समारोह में वक्ताओं ने डॉ. राजेश्वर सहाय त्रिपाठी के जीवन और उनके शैक्षिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की उन्नति का आधार है। शिक्षण संस्थाओं की स्थापना और समाज को शिक्षित करने की दिशा में योगदान देने वाले महापुरुषों का स्मरण नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। ऐसे आयोजन महापुरुषों के विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

कवियों ने अपनी रचनाओं से बांधा समां

कवि सम्मेलन में मीरा तिवारी, पूनम मिश्रा, प्रतिमा तिवारी, कल्पना तिवारी, सुरेश संभव, चाँदनी दुबे, प्रेम कुमार त्रिपाठी, गिरिराज पाण्डेय, नियाज़ हसन ‘प्रतापगढ़ी’, राजन शुक्ला, शीतला सुजान एवं सुधीर रंजन सहित कवियों ने काव्य पाठ किया। कवियों की रचनाओं के माध्यम से साहित्य, सामाजिक सरोकारों, मानवीय संवेदनाओं और जीवन के विविध पहलुओं को अभिव्यक्ति मिली। काव्य पाठ ने समारोह को साहित्यिक गरिमा प्रदान की।

गणमान्य अतिथियों ने रखे अपने विचार

कार्यक्रम में ओम प्रकाश त्रिपाठी, विजय प्रताप त्रिपाठी, आनंद मोहन ओझा, कृष्ण कांत तिवारी, दिनेश चंद त्रिपाठी, संजय दुबे, अखिल नारायण सिंह, एडवोकेट रुद्र नारायण मिश्र, प्रधानाध्यापक पवन पांडेय, पूर्व बैंक प्रबंधक शुक्ला जी, एडवोकेट संतोष त्रिपाठी, विकास पांडेय तथा सुख नंदन प्रसाद इंटर कॉलेज, बिहारगंज के प्रधानाचार्य,दया शंकर पांडेय सहित अन्य अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने शिक्षा, साहित्य, सामाजिक चेतना और महापुरुषों के आदर्शों को आत्मसात करने की आवश्यकता पर बल दिया।

आयोजन में शिक्षाविदों और गणमान्य लोगों की रही सहभागिता

समारोह के संयोजक जय प्रकाश उपाध्याय, प्रमोद कुमार तिवारी एवं शशिभाल त्रिपाठी ने आये हुए अतिथियों का स्वागत किया ।





इसी क्रम में आए हुए अतिथियों एवं कवि कवयित्रियों को अंगवस्त्र एवं पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया ।इस अवसर पर सुरेश मिश्रा, शिव प्रसाद तिवारी, प्रभात मिश्रा, एडवोकेट विश्वनाथ त्रिपाठी, अनूप त्रिपाठी, अशोक यादव, राकेश कुमार पांडेय, शालू पांडेय, अनिमेष शर्मा, श्रवण कुमार, पूर्व प्रधानाचार्य श्री देवराज सिंह,पूर्व प्रधानाचार्य श्री राम सांवरे तिवारी,श्याम शंकर द्विवेदी, राम शंकर, राहुल गुप्ता, संतलाल, अनिल कुमार पाण्डेय ,धर्मदत्त मिश्र,रंगनाथ शुक्ल,अशोक यादव,विनोद यादव,दीप्ति वर्मा,किरण,मो.ख़ुर्शीद,नन्द लाल शुक्ला, दया शंकर पांडेय एवं आशुतोष सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

इसी क्रम में कार्यक्रम के आयोजक रहे अनिल प्रताप त्रिपाठी “प्रवात”प्रबंधक इण्टर कॉलेजेज ने आये हुए अतिथियों एवं कवि कवयित्रियों का आभार व्यक्त किया ।कार्यक्रम का संचालन चंद्रशेखर पाण्डेय ने किया ।

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