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होम्योपैथिक साइंस कांग्रेस 2026 का हुआ आयोजन।



होम्योपैथिक साइंस कांग्रेस 2026 का आयोजन दिनांक 8 फरवरी 2026 को अनुग्रह नारायण सिंह सामाजिक अध्ययन संस्थान, उत्तर-पश्चिम गांधी मैदान, पटना-800001 में किया गया। यह आयोजन प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. बी. सहनी की 101 वीं जयंती के उपलक्ष्य में संपन्न हुआ। डॉ. बी. सहनी एक महान नवप्रवर्तक थे, जिन्होंने होम्योपैथी में गतिशील औषधियों के दूरस्थ संप्रेषण (Transmission from Distance) की पद्धति में क्रांतिकारी परिवर्तन किए। यह कार्यक्रम होम्योपैथी के शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक पक्षों को प्रोत्साहित करने हेतु प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है।

उद्घाटन सत्र का आरंभ प्रातः 11:00 बजे हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन माननीय डॉ. राज भूषण चौधरी, राज्य मंत्री, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया तथा श्रीमती रामा निशाद, मंत्री, अत्यंत पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, बिहार सरकार, कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रहीं।

होम्योपैथिक साइंस कांग्रेस 2026 का औपचारिक उद्घाटन दीप प्रज्वलन द्वारा माननीय श्री राज भूषण चौधरी ने किया, जिसमें श्रीमती रामा निशाद ने भी सहभागिता की। इसके पश्चात डॉ. हैनिमैन एवं डॉ. बी. सहनी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। अपने उद्घाटन भाषण में डॉ. राज भूषण चौधरी ने महान वैज्ञानिक डॉ. बी. सहनी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने डॉ. सहनी से हुई अपनी मुलाकात को स्मरण करते हुए कहा कि दूरस्थ संप्रेषण जो व्यक्ति धरातल से जुड़े रहते हैं, वही शिखर तक पहुंचते हैं। डॉ. सहनी ने मानवता को औषधि प्रदान करने की विशिष्ट प्रणाली का अमूल्य उपहार दिया। उन्होंने युवा पीढ़ी से आग्रह किया कि वे सिद्धांतों पर केंद्रित रहें, क्योंकि वही जीवन में संतोष प्रदान करते हैं।


श्रीमती रामा निशाद ने डॉ. बी. सहनी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार केंद्र एवं राज्य दोनों स्तरों पर होम्योपैथी के उन्नयन के प्रति पूर्णतः गंभीर है। अपने स्वागत भाषण में डॉ. एम. के. सहनी ने सभी गणमान्य अतिथियों, प्रतिनिधियों एवं विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने होम्योपैथी से जुड़े अपने अनुभव साझा किए, जो उन्हें अपने पिता से विरासत में प्राप्त हुए। डॉ. रामजी सिंह ने बिहार में विशेषकर शिक्षा क्षेत्र में होम्योपैथी की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डाला और मंत्रियों से समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया।

इस अवसर पर डॉ. बी. सहनी के जीवन-वृत्त पर आधारित एक पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। उद्घाटन सत्र के दौरान खगड़िया के डॉ. नागेश्वर प्रसाद को भी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (NCH) के शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. रजत चट्टोपाध्याय ने अपने संबोधन में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर होम्योपैथिक शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु आयोग द्वारा की जा रही गतिविधियों पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने भारत में आवश्यक शैक्षणिक सुधारों पर एक वैज्ञानिक व्याख्यान भी प्रस्तुत किया।

वैज्ञानिक सत्र के दौरान डॉ. आदिल चिमथावाला ने होम्योपैथी में हृदय रोगों की संभावनाओं पर चर्चा की तथा ऐसे मामलों का अनुभव साझा किया, जिनमें शल्य चिकित्सा से बचाव संभव हुआ ।



डॉ. संजीव कुमार सिंह ने डॉ. सहनी की दूरस्थ औषधि संप्रेषण पद्धति से बांझपन के प्रमाण-आधारित सफल उपचार प्रस्तुत किए।
डॉ. अमित ने ऑटिज़्म एवं एडीएचडी के सफल उपचारों के केस साझा किए, जिन्हें दूरस्थ रूप से होम्योपैथिक औषधि देकर उपचारित किया गया। लखनऊ से डॉ. शैलेन्द्र कुमार सिंह ने शास्त्रीय होम्योपैथी द्वारा दीर्घकालिक वृक्क रोगों के सफल उपचारों पर प्रकाश डाला।

डॉ. मनीष आज़ाद सिंह ने शास्त्रीय पद्धति से आईबीएस (इरिटेबल बाउल सिंड्रोम) के सफल मामलों की प्रस्तुति कोलकाता से डॉ. शिवाशीष मुखर्जी ने मनोदैहिक विकारों की व्यापकता एवं होम्योपैथिक उपचार पर चर्चा की।
डॉ. कंचन उप्रीत ने प्रणालीगत सिद्धांतों के आधार पर नींद विकारों के होम्योपैथिक उपचार पर व्याख्या प्रस्तुत किया।

सेमिनार के दौरान उभरते हुए होम्योपैथिक चिकित्सकों द्वारा पोस्टर प्रस्तुति भी दी गई, जिनमें सर्वश्रेष्ठ पोस्टरों को पुरस्कार प्रदान किए गए। पोस्टर मूल्यांकन के निर्णायक डॉ. विभा कुमारी, शोध अधिकारी, CCRH तथा डॉ. डी. बालाचंद्रन, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, एम्स पटना रहे।

इसके अतिरिक्त होम्योपैथिक उत्पादों, पुस्तकों एवं सॉफ्टवेयर की प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जो कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण रही। उद्घाटन सत्र के दौरान डॉ. भरत कुमार सिंह, डीन, फैकल्टी ऑफ होम्योपैथी, बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय, बिहार एवं झारखंड के सभी होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य; डॉ. संजीव कुमार सिंह, अध्यक्ष, HMAI बिहार; तथा डॉ. बी. के. तिवारी, महासचिव, HMAI बिहार को होम्योपैथी में उनके योगदान हेतु सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर 300 से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। आयोजक डॉ. संजीव कुमार सिंह ने बताया कि कैंसर सहित विभिन्न दीर्घकालिक रोगों के होम्योपैथिक उपचार पर प्रस्तुतियाँ इस सेमिनार का प्रमुख आकर्षण रहीं।

होम्योपैथिक साइंस कांग्रेस 2025 के प्रवक्ता डॉ. बृजमोहन प्रसाद ने इस प्रमुख आयोजन की जानकारी साझा करते हुए कहा कि स्वयंसेवकों एवं प्रतिनिधियों का सहयोग अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक रहा।

डॉ. संजीव कुमार सिंह
महासचिव
होमियोपैथिक साइंस कांग्रेस सोसायटी
9431020622/7759090500 
Email risdth@gmail.com

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