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बेहतर खनन परिदृश्य पर चर्चा को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री से मिले उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा



पटना 08 जनवरी | गांधीनगर (गुजरात) में आयोजित केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्रालय की ओर से 'राष्ट्रीय खनन चिंतन शिविर' में भाग लेने गए बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल से भी मुलाकात की । ज्ञात हो कि गुजरात के मुख्यमंत्री के पास ही खान एवं भूतत्व विभाग की जिम्मेदारी है । दोनों नेताओं के बीच पर्यावरण अनुकूल, आधुनिक और लाभकारी खनन परिदृश्य को लेकर व्यापक चर्चा हुई । 





इस मुलाकात के बात उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी के यशस्वी नेतृत्व में देश के सभी राज्य विकसित भारत के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले खनन उद्योग को बढ़ावा देने के प्रयास में जुटे हैं । आज के वैश्विक माहौल में खनन केवल एक उद्योग नहीं बल्कि देश की सुरक्षा, संप्रभुता और विकास का आधार हो चुका है । खनन गतिविधियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित आधुनिक तकनीक और नवाचारों का समावेश हो चुका है । निश्चित रूप से हम सभी राज्यों के अपने सर्वोत्तम प्रयासों को साझा करते हुए सतत, समावेशी और लाभकारी खनन उद्योग को बढ़ावा देने की जरूरत है ।

श्री सिन्हा ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री ने खान एवं भूतत्व विभाग(बिहार) की ओर से किये जा रहे प्रयासों की सराहना की है । उन्होंने अवैध खनन पर अंकुश के साथ राजस्व समाहरण में सुधार को माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में स्पष्ट नीति और नीयत के साथ किया गया प्रयास कहा है ।





श्री सिन्हा ने आगे कहा कि बीते दो वर्षों में माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में विभाग के लगातार प्रयासों के कारण हम लक्षित राजस्व को करीब 550 करोड़ रुपये तक बढ़ाने में सफल हुए हैं । ( वर्ष 2023-24 में वार्षिक लक्ष्य 3300 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में 3850 करोड़ हो गया ) । वर्ष 2024-25 में वार्षिक खनन राजस्व का लक्ष्य 3500 करोड़ था जबकि वास्तविक राजस्व संग्रहण 3570 करोड़ रुपये हुआ (लक्ष्य की तुलना में करीब 102 %) । आज हम अवैध खनन एवं परिवहन पर नियंत्रण की दिशा में काफी सफल भी हो रहे हैं । जिससे खनन से जुड़े अपराध, राजस्व हानि, सड़क- पुल/पुलियों को अवांछित क्षति में काफी कमी आई है । बिहारी खनन योद्धा के रूप में अवैध खनन के विरूद्ध सक्रिय जनभागीदारी को बढ़ावा मिला है। साथ ही सरकार, उद्यमी एवं उपभोक्ता तीनों के हितसंरक्षण को व्यापक बल मिला है ।

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