मधुबनी - लदनियां से हरिश्चन्द्र यादव की रिपोर्ट
पूर्व प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष व हिन्दुस्तान समाचार पत्र के सम्वाददाता रहे पद्मा गांव निवासी वयोवृद्ध युगलकिशोर झा नई सोच के साथ पौधरोपण में जुटे हैं। लगभग ढाई एकड़ में उनके द्वारा लगाये गये बगीचे में दुर्लभ प्रजाति के पौधे सहज ही दिख जाते हैं। फूलों में कुरज, कुंद, सिन्धुवार, पारिजात, अरहुल, विभिन्न किस्म के गुलाब, बेली, चमेली, केवड़ा, अपराजिता, सदाबहार, श्रृंगरहार, मोगड़ा, रात की रानी, जटाधारी, संझा, कामिनी, रजनीगंधा, औषधीय पौधों में कई प्रकार के तुलसी, नीबू, इक्कीस प्रकार के आम, कटहल, नीम, अमरूद, गूलर, एलोवेरा, जामुन, पपीता, नारंगी, आंवला, बेल, शरीफा, नारियल, बैर, इमारती लकड़ियों से सम्बंधित पौधों में महोगनी, सागवान, शीशम, सखुआ, पोपुलर, गम्हाईर समेत अन्य पौधे शामिल हैं। बाड़ी से बधार तक के इस उद्यान को देखकर किसी के मन को सुकून मिल सकता है। श्री झा ने बताया कि पौधरोपण सभी प्रकार के सामाजिक व धार्मिक कार्यों से श्रेष्ठ है। पौधरोपण स्वार्थ व परमार्थ का सुन्दर समन्वित स्वरूप है। ऑक्सीजन दे रहे इन पौधसंसार पर संसार के जीवों का जीवन अवलंबित है। श्री झा द्वारा निरंतर लगाये जा रहे बगीचे लोगों को बागवानी के लिए प्रेरित करते हैं। बोटेनिकल गार्डन की तरह इसकी जुताई, सिंचाई व उचित देखरेख के लिए गार्ड की प्रतिनियुक्ति की गई है। जिप सदस्य रामाशीष पासवान ने इस प्रकार की आधुनिकतम बागवानी लगाने के लिए श्री झा की सराहना की है।

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