अति प्राचीन श्री चित्रगुप्त मन्दिर प्रांगण में मनाई गई पूर्व मुख्यमंत्री के बी सहाय की जयंती



आरा से शिवम ओझा की रिपोर्ट...

आरा।भारत की आजादी में अंग्रेजो के खिलाफ लड़ाई लड़ने और आधुनिक बिहार के निर्माण में अमूल्य योगदान देने वाले पूर्व मुख्यमंत्री स्व.कृष्ण वल्लभ सहाय की जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा और चित्रांश युवा वाहिनी ने संयुक्त रूप से आरा के अति प्राचीन श्री चित्रगुप्त मन्दिर के प्रांगण में जयंती समारोह का आयोजन किया।इस अवसर पर स्व.सहाय के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

पूर्व मुख्यमंत्री के जयंती समारोह की अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य प्रो.सच्चिदानन्द सहाय ने की जबकि संचालन मनीष प्रभात और धन्यवाद ज्ञापन सचिन सिन्हा ने की।

पूर्व मुख्यमंत्री के जयंती समारोह के अवसर पर उन्हें नमन करते हुए समारोह के अध्यक्ष प्रो.सहाय ने कहा कि स्व. कृष्ण वल्लभ सहाय विलक्षण प्रतिभा के धनी थे और उन्होंने कभी सत्ता के लिए सिद्धांतो से समझौता नही किया।उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने गरीबो,दलितों, शोषितो के विकास और उत्थान के लिए बिहार में जमींदारी प्रथा को खत्म किया।बाद में देश के सभी राज्यो ने उसका अनुसरण किया और इस तरह से देश मे जमींदारी प्रथा खत्म हुई।

पूर्व वार्ड पार्षदऔर श्री चित्रगुप्त मन्दिर प्रबन्ध समिति के मोत्तवली दिनेश प्रसाद मुन्ना ने जयंती समारोह के मौके पर कायस्थ समाज की देश के विकास में योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि स्व.के बी सहाय ने बिहार में सामाजिक क्रांति का आगाज किया था जिसका नतीजा हुआ कि वर्षो से समाज के दबे कुचले लोगो को समाज की मुख्यधारा में आने का अवसर मिला और बिहार से निकली सामाजिक क्रांति की गूंज देश भर में फैल गई।

श्री चित्रगुप्त आदि मन्दिर प्रबन्ध समिति, पटना सिटी के संयुक्त सचिव और पूर्व सांसद आर के सिन्हा के प्रतिनिधि डॉ. सुरेन्द्र सागर ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व.सहाय की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि स्व. के बी सहाय ने आजादी के पूर्व जहां अंग्रेजो के खिलाफ बड़ी और निर्णायक लड़ाई लड़ी वही आजाद भारत के इतिहास में बिहार के मुख्यमंत्री रहते राज्य के सम्पूर्ण और सर्वांगीण विकास की लंबी लकीर खींची।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उनके जमींदारी प्रथा की समाप्ति जैसे कई फैसलो को देश ने अपनाया और उनके कई फैसले देश के लिए रोल मॉडल बना।उन्होंने कहा कि हमे उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से सिख लेने की जरूरत है।
इस अवसर पर स्व.सहाय की जयंती पर उन्हें नमन करने सैकड़ो चित्रांश बाबू बाजार स्थित प्राचीन चित्रगुप्त मन्दिर के प्रांगण में जुटे हुए थे।

पूर्व मुख्यमंत्री स्व.सहाय के जयंती समारोह में प्रो.ब्रजेश कुमार,डॉ.रमेश कुमार सिन्हा उर्फ कर्ण जी,वार्ड पार्षद धर्मेंद्र कुमार सिन्हा उर्फ भीम लाल,डॉ. सागर आनंद,डॉ. संदीप कुमार,कुमार गौतम,कुमार निर्मल उर्फ सुधीर जी,दीपक कुमार श्रीवास्तव,संटू सिन्हा,दिलीप कुमार सिन्हा,सुगम सहाय,डॉ. संजीव कुमार सिन्हा, यमुना प्रसाद,गूँजय कुमार,अतुल प्रकाश,प्रदीप कुमार सिन्हा, सुमन कुमार श्रीवास्तव,सतीश कुमार सिन्हा,अखिलेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव, शशि भूषण श्रीवास्तव,चन्दन शरण,मोनू सिन्हा, विमलेश कुमार, तारकेश्वर प्रसाद सिन्हा, राकेश श्रीवास्तव,राजीव शंकर,रतन कुमार और कौशल कुमार सहित सैकड़ों लोग प्रमुख रूप से शामिल थे।

पूर्व मुख्यमंत्री के जयंती समारोह के बाद एक अन्य समारोह में मन्दिर प्रांगण में ही सभी ने पटना के भाजपा विधायक नितिन नवीन के पिता और पूर्व विधायक स्व.नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा की पुण्यतिथि मनाई।इस अवसर पर स्व.श्री सिन्हा को पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया गया,श्रद्धांजलि दी गई और उन्हें सभी ने नमन किया।

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